बगलामुखी ऐश्वर्य प्राप्ति और कार्य सिद्धि ब्रह्मास्त्र मंत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी
माँ बगलामुखी ऐश्वर्य प्राप्ति और कार्य सिद्धि ब्रह्मास्त्र मंत्र विधि -रुद्रयामल तंत्र
श्रीदेवता✦ श्री बगलामुखी
बगलामुखी साधनादशमहाविद्या साधनाकार्य सिद्धि मंत्रऐश्वर्य प्राप्ति मंत्ररुद्रयामल तंत्र
तंत्र संदर्भ
स्रोत में '८. माता बगलामुखी की आराधना' के अंतर्गत 'एक अन्य मन्त्र' तथा बाद में 'ऐश्वर्य प्राप्ति और कार्य सिद्धि के लिए अन्य मन्त्र का विधान' दिया गया है।
मूल मंत्र
एक अन्य मन्त्र ॐ ह्लीं ऐं श्रीं क्लीं श्रीबगलानने मम रिपून् नाशय नाशय ऐश्वर्याणि देहि देहि शीघ्रं मनोवांछितं कार्य साधय साधय ह्लीं स्वाहा । विनियोग ॐ अस्य श्रीबगलामुखी ब्रह्मास्त्रस्वरूपिणी मन्त्रस्य भैरवऋषिः विराट् छन्दः श्रीबगलामुखी देवता क्लीं बीजं ऐं शक्तिः श्रीं कीलकं मम मनोभिलषितेष्टकार्यसिद्धये विनियोगः । ऋष्यादिन्यास भैरवर्षये नमः (शिरसि), विराट्छन्दसे नमः (मुखे), श्रीबगलामुखीदेवतायै नमः (हृदये), क्लीं बीजाय नमः (गुह्ये), ऐं शक्तये नमः (पादयोः), श्रीं कीलकाय नमः (नाभौ), विनियोगाय नमः (सर्वाङ्गे) । कर-षडङ्गन्यास 'ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः' इन छह बीजों से करें । ध्यान सौवर्णासनसंस्थितां त्रिनयनां पीतांशुकोल्लासिनीं, हेमाभाङ्गरुचिं शशाङ्कमुकुटां स्रक् चम्पकस्रग्युताम् । हस्तैर्मुद्गरपाशबद्धरसनां संबिभ्रतीं भूषण- व्याप्ताङ्गीं बगलामुखीं त्रिजगतां संस्तम्भिनीं चिन्तये ॥ मूलमन्त्र ॐ ह्लीं ऐं श्रीं क्लीं श्रीबगलानने मम रिपून् नाशय नाशय ममैश्वर्याणि देहि देहि शीघ्रं मनोवांछितकार्य साधय साधय ह्लीं स्वाहा ।
बीज मंत्र
ह्लींऐंश्रींक्लींह्रांह्रींह्रूंह्रैंह्रौंह्रः
साधना विधि
स्रोत के अनुसार ऐश्वर्य प्राप्ति और कार्य सिद्धि के लिए इस अन्य मन्त्र का विधान दिया गया है। इसमें विनियोग, ऋष्यादिन्यास, कर-षडङ्गन्यास, ध्यान और मूलमन्त्र के बाद समयानुसार कवच, हृदय, स्तोत्र, शतनाम और सहस्रनाम का भी पाठ करने का निर्देश है।
प्रयोग — कब और कहाँ
- ऐश्वर्य प्राप्ति
- कार्य सिद्धि
- मनोवांछित कार्य साधना
- मम रिपून् नाशय
- कवच, हृदय, स्तोत्र, शतनाम और सहस्रनाम का पाठ
लाभ
- ऐश्वर्य प्राप्ति
- कार्य सिद्धि
- मनोवांछित कार्य साधना
- रिपु नाश
मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)
एक अन्य मन्त्र इस प्रकार भी है-- “ॐ ह्लीं ऐं श्रीं क्लीं श्रीबगलानने मम रिपून् नाशय नाशय ऐश्वर्याणि देहि देहि शीघ्रं मनोवांछितं कार्य साधय साधय ह्लीं स्वाहा ।” ऐश्वर्य प्राप्ति और कार्य सिद्धि के लिए अन्य मन्त्र का विधान इस प्रकार है-- विनियोग--ॐ अस्य श्रीबगलामुखी ब्रह्मास्त्रस्वरूपिणी मन्त्रस्य भैरवऋषिः विराट् छन्दः श्रीबगलामुखी देवता क्लीं बीजं ऐं शक्तिः श्रीं कीलकं मम मनोभिलषितेष्टकार्यसिद्धये विनियोगः । ऋष्यादिन्यास--भैरवर्षये नमः (शिरसि), विराट्छन्दसे नमः (मुखे), श्रीबगलामुखीदेवतायै नमः (हृदये), क्लीं बीजाय नमः (गुह्ये), ऐं शक्तये नमः (पादयोः), श्रीं कीलकाय नमः (नाभौ), विनियोगाय नमः (सर्वाङ्गे) । कर-षडङ्गन्यास--'ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः' इन छह बीजों से करें । ध्यान-- सौवर्णासनसंस्थितां त्रिनयनां पीतांशुकोल्लासिनीं, हेमाभाङ्गरुचिं शशाङ्कमुकुटां स्रक् चम्पकस्रग्युताम् । हस्तैर्मुद्गरपाशबद्धरसनां संबिभ्रतीं भूषण- व्याप्ताङ्गीं बगलामुखीं त्रिजगतां संस्तम्भिनीं चिन्तये ॥ मूलमन्त्र--ॐ ह्लीं ऐं श्रीं क्लीं श्रीबगलानने मम रिपून् नाशय नाशय ममैश्वर्याणि देहि देहि शीघ्रं मनोवांछितकार्य साधय साधय ह्लीं स्वाहा । समयानुसार कवच, हृदय, स्तोत्र, शतनाम और सहस्रनाम का भी पाठ करें।
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