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धूमावती प्रणाम पद्य स्तोत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी

माँ धूमावती प्रणाम पद्य स्तोत्र -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवताश्री धूमावती

धूमावती साधनादशमहाविद्या साधनाप्रणाम स्तोत्ररुद्रयामल तंत्र

तंत्र संदर्भ

स्रोत में '६. भगवती धूमावती की साधना' के अंतर्गत श्रीधूमावती माला-मन्त्र के बाद 'प्रणाम करने का पद्य' दिया गया है।

मूल मंत्र

प्रणाम करने का पद्य

वन्दे कालाभ्रनीलां विकलितवदनां काकनासां विकर्णां
सम्मार्जिन्युल्कशूर्पयुत-मुसलकरां वक्रदन्तां विशुष्कास्याम् ।
ज्येष्ठां निर्वर्णवेषां भ्रुकुटितनयनां मुक्तकेशामुदारां,
पीनोत्तुङ्गाद्रितुङ्गस्तनभरनमितां निष्कुटां शत्रुहन्त्रीम् ॥

साधना विधि

स्रोत में इस अंश के लिए केवल 'प्रणाम करने का पद्य' शीर्षक और पद्य दिया गया है।

प्रयोग — कब और कहाँ

  • धूमावती प्रणाम पद्य पाठ
  • धूमावती स्तोत्र पाठ
  • धूमावती साधना में प्रणाम

मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)

प्रणाम करने का पद्य वन्दे कालाभ्रनीलां विकलितवदनां काकनासां विकर्णां सम्मार्जिन्युल्कशूर्पयुत-मुसलकरां वक्रदन्तां विशुष्कास्याम् । ज्येष्ठां निर्वर्णवेषां भ्रुकुटितनयनां मुक्तकेशामुदारां, पीनोत्तुङ्गाद्रितुङ्गस्तनभरनमितां निष्कुटां शत्रुहन्त्रीम् ॥

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