ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
इन्द्राक्षी मंत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी

माँ इन्द्राक्षी महाचिन्तामणि दुर्गा ग्रह रोग नाशक मंत्र -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवताइन्द्राक्षी दुर्गा

दुर्गा साधनाइन्द्राक्षी मंत्रग्रह निवारण मंत्ररोग नाशक मंत्ररुद्रयामल तंत्र

तंत्र संदर्भ

स्रोत में 'इन्द्राक्षी-मन्त्र' शीर्षक के अंतर्गत यह षष्ठ मन्त्र दिया गया है।

मूल मंत्र

॥ इन्द्राक्षी-मन्त्र

६. ॐ नमो भगवति माहेश्वरि महाचिन्तामणि दुर्गे सकलसिद्धेश्वरि सकलजनमनोहारिणि कालकालरात्र्यनलेऽजितेऽभये महाघोररूपे विश्वरूपिणि मधुसूदनि महाविष्णुस्वरूपिणि नेत्रशूलकर्णशूलकटिशूलपक्षशूलपाण्डुरोगकमलादीन् नाशय नाशय वैष्णवि ब्रह्मास्त्रेण विष्णुचक्रेण रुद्रशूलेन यमदण्डेन वरुणपाशेन वासववज्रेण सर्वानरीन् भंजय भंजय यक्षग्रहराक्षसग्रहस्कन्दग्रहविनायकग्रहबालग्रहचौरग्रहकूष्माण्डग्रहादीन् निगृह्ण निगृह्ण, राजयक्ष्मक्षय रोगतापज्वरनिवारिणि।

साधना विधि

इन मन्त्रों का मूलपाठ करके किसी एक का जप करें।

प्रयोग — कब और कहाँ

  • इन्द्राक्षी मन्त्र जप
  • नेत्रशूल कर्णशूल कटिशूल पक्षशूल नाशन
  • पाण्डुरोग कमलादि नाशन
  • ग्रह निग्रह
  • राजयक्ष्मक्षय रोगतापज्वर निवारण
  • सर्वानरीन् भंजन

लाभ

  • नेत्रशूल कर्णशूल कटिशूल पक्षशूल नाशन
  • पाण्डुरोग कमलादि नाशन
  • यक्षग्रह राक्षसग्रह स्कन्दग्रह विनायकग्रह बालग्रह चौरग्रह कूष्माण्डग्रह निग्रह
  • राजयक्ष्मक्षय रोगतापज्वर निवारण
  • इन्द्राक्षी मन्त्र जप

मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)

॥ इन्द्राक्षी-मन्त्र ६. ॐ नमो भगवति माहेश्वरि महाचिन्तामणि दुर्गे सकलसिद्धे- श्वरि सकलजनमनोहारिणि कालकालरात्र्यनलेऽजितेऽभये महाघोर- रूपे विश्वरूपिणि मधुसूदनि महाविष्णुस्वरूपिणि नेत्रशूलकर्णशूलकटि- शूलपक्षशूलपाण्डुरोगकमलादीन् नाशय नाशय वैष्णवि ब्रह्मास्त्रेण विष्णुचक्रेण रुद्रशूलेन यमदण्डेन वरुणपाशेन वासववज्रेण सर्वानरीन् भंजय भंजय यक्षग्रहराक्षसग्रहस्कन्दग्रहविनायकग्रहबालग्रहचौरग्रह- कूष्माण्डग्रहादीन् निगृह्ण निगृह्ण, राजयक्ष्मक्षय रोगतापज्वरनिवारिणि। इन मन्त्रों का मूलपाठ करके किसी एक का जप करें।

[object Object]