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इन्द्राक्षी मंत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी

माँ इन्द्राक्षी सर्व ज्वर नाशक महिषासुरमर्दिनी मंत्र -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवताइन्द्राक्षी

दुर्गा साधनाइन्द्राक्षी मंत्रज्वर नाशक मंत्ररुद्रयामल तंत्र

तंत्र संदर्भ

स्रोत में 'इन्द्राक्षी-मन्त्र' शीर्षक के अंतर्गत यह तृतीय मन्त्र दिया गया है।

मूल मंत्र

॥ इन्द्राक्षी-मन्त्र

३. ॐ नमो भगवति प्राणेश्वरि पद्मासने सिंहवाहने महिषासुरमर्दिन्युष्णज्वरपित्तज्वरवातज्वरश्लेष्मज्वरकफज्वरालापज्वरसंनिपातज्वरकृत्रिमज्वरकृत्यादिज्वरैकाहिकज्वरद्व्याहिकज्वरत्र्याहिकज्वरचतुराहिकज्वरपंचाहिकज्वरपक्षज्वरमासज्वरषण्मासज्वरसंवत्सरज्वरसर्वांगज्वरान् नाशय नाशय हर हर जहि जहि दह दह पच पच ताडय ताडयाकर्षयाकर्षय विद्विषः स्तम्भय स्तम्भय मोहय मोहयोच्चाटयोच्चाटय हुं फट् स्वाहा ।

साधना विधि

स्रोत में यह 'इन्द्राक्षी-मन्त्र' सूची का तृतीय मन्त्र है।

प्रयोग — कब और कहाँ

  • इन्द्राक्षी मन्त्र जप
  • ज्वर नाशन
  • सर्वांगज्वर नाशन
  • महिषासुरमर्दिनी सम्बद्ध मन्त्र

लाभ

  • ज्वर नाशन
  • सर्वांगज्वर नाशन
  • इन्द्राक्षी मन्त्र जप

मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)

॥ इन्द्राक्षी-मन्त्र ३. ॐ नमो भगवति प्राणेश्वरि पद्मासने सिंहवाहने महिषासुर- मर्दिन्युष्णज्वरपित्तज्वरवातज्वरश्लेष्मज्वरकफज्वरालापज्वरसंनिपात- ज्वरकृत्रिमज्वरकृत्यादिज्वरैकाहिकज्वरद्व्याहिकज्वरत्र्याहिकज्वरचतु- राहिकज्वरपंचाहिकज्वरपक्षज्वरमासज्वरषण्मासज्वरसंवत्सरज्वर- सर्वांगज्वरान् नाशय नाशय हर हर जहि जहि दह दह पच पच ताडय ताडयाकर्षयाकर्षय विद्विषः स्तम्भय स्तम्भय मोहय मोहयोच्चा- टयोच्चाटय हुं फट् स्वाहा ।

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