इन्द्राक्षी मंत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी
माँ इन्द्राक्षी शत्रु रोग ग्रन्थि नाशक रक्षा मंत्र -रुद्रयामल तंत्र
श्रीदेवता✦ इन्द्राक्षी
दुर्गा साधनाइन्द्राक्षी मंत्ररक्षा मंत्ररोग नाशक मंत्ररुद्रयामल तंत्र
तंत्र संदर्भ
स्रोत में 'इन्द्राक्षी-मन्त्र' शीर्षक के अंतर्गत यह पंचम मन्त्र दिया गया है।
मूल मंत्र
॥ इन्द्राक्षी-मन्त्र ५. ॐ एं श्रीं हुं दुं इन्द्राक्षि ! मां रक्ष रक्ष, मम शत्रून् नाशय नाशय, जलरोगान् शोषय शोषय, क्रूरानरीन् भंजय भंजय, दुःखव्याधीन् स्फोटय स्फोटय मनोग्रन्थिप्राणग्रन्थिशिरोग्रन्थोन् काटय काटय, इन्द्राक्षो मां रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा ।
बीज मंत्र
एंश्रींहुंदुं
साधना विधि
स्रोत में यह 'इन्द्राक्षी-मन्त्र' सूची का पंचम मन्त्र है।
प्रयोग — कब और कहाँ
- इन्द्राक्षी मन्त्र जप
- शत्रु नाशन
- जलरोग शोषण
- दुःख-व्याधि स्फोटन
- ग्रन्थि काटन
- रक्षा
लाभ
- शत्रु नाशन
- जलरोग शोषण
- दुःख-व्याधि स्फोटन
- ग्रन्थि काटन
- इन्द्राक्षी मन्त्र जप
मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)
॥ इन्द्राक्षी-मन्त्र ५. ॐ एं श्रीं हुं दुं इन्द्राक्षि ! मां रक्ष रक्ष, मम शत्रून् नाशय नाशय, जलरोगान् शोषय शोषय, क्रूरानरीन् भंजय भंजय, दुःख- व्याधीन् स्फोटय स्फोटय मनोग्रन्थिप्राणग्रन्थिशिरोग्रन्थोन् काटय काटय, इन्द्राक्षो मां रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा ।
[object Object]