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कमला चतुर्बीजात्मक मंत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी

माँ कमला महालक्ष्मी ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं चतुर्बीज मंत्र और ध्यान -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवताश्री

कमला साधनामहालक्ष्मी साधनादशमहाविद्या साधनाचतुर्बीज मंत्ररुद्रयामल तंत्र

तंत्र संदर्भ

स्रोत में '१०. महाविद्या श्रीकमला की उपासना' के अंतर्गत '(ख) मन्त्र-विधान के तीन प्रकार' में दूसरा 'चतुर्बीजात्मक मन्त्र' दिया गया है।

मूल मंत्र

२. चतुर्बीजात्मक मन्त्र

ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं

न्यास उपर्युक्त ही हैं ।

ध्यान

माणिक्यप्रतिमप्रभां हिमनिभैस्तुङ्गैश्चतुर्भिर्गजै-
र्हस्ताग्राहितरत्नकुम्भसलिलैरासिच्यमानां सदा ।
हस्ताब्जैर्वरदानमञ्जुयुगलाभीतोर्दधानां हरेः,
कान्तां काङ्क्षितपारिजातलतिकां वन्दे सरोजाननाम् ॥

बीज मंत्र

ऐंश्रींह्रींक्लीं

साधना विधि

स्रोत में इस चतुर्बीजात्मक मन्त्र के लिए 'न्यास उपर्युक्त ही हैं' कहा गया है और इसके बाद ध्यान दिया गया है।

प्रयोग — कब और कहाँ

  • चतुर्बीजात्मक मंत्र
  • कमला साधना
  • महालक्ष्मी उपासना
  • न्यास उपर्युक्त
  • ध्यान

लाभ

  • कमला साधना
  • महालक्ष्मी उपासना
  • ध्यान साधना

मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)

२. चतुर्बीजात्मक मन्त्र--'ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं' । न्यास उपर्युक्त ही हैं । ध्यान--माणिक्यप्रतिमप्रभां हिमनिभैस्तुङ्गैश्चतुर्भिर्गजै- र्हस्ताग्राहितरत्नकुम्भसलिलैरासिच्यमानां सदा । हस्ताब्जैर्वरदानमञ्जुयुगलाभीतोर्दधानां हरेः, कान्तां काङ्क्षितपारिजातलतिकां वन्दे सरोजाननाम् ॥

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