कमला त्रयोदशाक्षरी मंत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी
माँ कमला महालक्ष्मी त्रयोदशाक्षरी सौभाग्य सम्पत्ति प्राप्ति मंत्र -रुद्रयामल तंत्र
श्रीदेवता✦ श्रीकमलात्मिका
कमला साधनामहालक्ष्मी साधनादशमहाविद्या साधनात्रयोदशाक्षरी मंत्रसौभाग्य सम्पत्ति मंत्ररुद्रयामल तंत्र
तंत्र संदर्भ
स्रोत में '१०. महाविद्या श्रीकमला की उपासना' के अंतर्गत '(ख) मन्त्र-विधान के तीन प्रकार' में तीसरा 'त्रयोदशाक्षरी मन्त्र' दिया गया है।
मूल मंत्र
३. त्रयोदशाक्षरी मन्त्र ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं क्षौः जगत्प्रसूत्यै नमः । विनियोग अस्य श्रीकमलात्मिका मन्त्रस्य भृगु ऋषिः निचृच्छन्दः श्रीकमलात्मिका देवता मम सौभाग्य-सम्पत् प्राप्त्यर्थे जपे विनियोगः । ऋष्यादिन्यास भृगुऋषये नमः (शिरसि), निचृच्छन्दसे नमः (मुखे), श्रीकमलात्मिका देवतायै नमः (हृदये), विनियोगाय नमः (सर्वाङ्गे) । 'श्रां श्रीं श्रूं श्रैं श्रौं श्रः' इनसे कर-हृदयादिन्यास करें । ध्यान कान्त्या कांचनसन्निभां इत्यादि हैं ।
बीज मंत्र
ॐऐंह्रींश्रींक्लींक्षौःश्रांश्रूंश्रैंश्रौंश्रः
साधना विधि
स्रोत के अनुसार इस त्रयोदशाक्षरी मन्त्र का जप सौभाग्य-सम्पत् प्राप्त्यर्थ किया जाता है। इसमें विनियोग, ऋष्यादिन्यास और 'श्रां श्रीं श्रूं श्रैं श्रौं श्रः' से कर-हृदयादिन्यास करने का निर्देश है। ध्यान के लिए 'कान्त्या कांचनसन्निभां' इत्यादि कहा गया है।
प्रयोग — कब और कहाँ
- सौभाग्य-सम्पत् प्राप्त्यर्थ
- त्रयोदशाक्षरी मंत्र जप
- कर-हृदयादिन्यास
- कमला साधना
- महालक्ष्मी उपासना
लाभ
- सौभाग्य-सम्पत् प्राप्ति
- कमला साधना
- महालक्ष्मी उपासना
मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)
३. त्रयोदशाक्षरी मन्त्र--'ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं क्षौः जगत्प्रसूत्यै नमः' । विनियोग--अस्य श्रीकमलात्मिका मन्त्रस्य भृगु ऋषिः निचृच्छन्दः श्रीकमलात्मिका देवता मम सौभाग्य-सम्पत् प्राप्त्यर्थे जपे विनियोगः । ऋष्यादिन्यास--भृगुऋषये नमः (शिरसि), निचृच्छन्दसे नमः (मुखे), श्रीकमलात्मिका देवतायै नमः (हृदये), विनियोगाय नमः (सर्वाङ्गे) । 'श्रां श्रीं श्रूं श्रैं श्रौं श्रः' इनसे कर-हृदयादिन्यास करें । ध्यान--कान्त्या कांचनसन्निभां इत्यादि हैं ।
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