अजपा-जप निवेदन मन्त्ररुद्रयामल तंत्रसंस्कृत + हिन्दी
मणिपूरचक्र अजपा-जप निवेदन मन्त्र
श्रीदेवता✦ विष्णु
अजपा-जप-विधिमणिपूरचक्ररुद्रयामल
मूल मंत्र
मणिपूरचक्रे दशदलपद्मे डं ढं णं तं थं दं धं नं पं फं दशाक्षरे त्रिकोणयन्त्रे मेषवाहने रं बीजे स्थिताय लक्ष्मीशक्तिसहिताय नील- वर्णाय विष्णवे षट्सहस्रमजपाजपं निवेदयामि।
बीज मंत्र
डंढंणंतंथंदंधंनंपंफंरं
साधना विधि
अजपा-जप-विधि में मणिपूरचक्र स्थित विष्णु को षट्सहस्रमजपाजपं निवेदयामि।
प्रयोग — कब और कहाँ
- श्वासक्रिया को परमात्मा का बिना प्रयत्न के होने वाला जप मानकर उन्हें अर्पित करे।
- शरीर में विद्यमान छः चक्रों में स्थित देवताओं का स्मरण करते हुए किया जाता है।