अजपा-जप निवेदन मन्त्ररुद्रयामल तंत्रसंस्कृत + हिन्दी
स्वाधिष्ठान अजपा-जप निवेदन मन्त्र
श्रीदेवता✦ ब्रह्मा
अजपा-जप-विधिस्वाधिष्ठानरुद्रयामल
मूल मंत्र
स्वाधिष्ठाने षडदलपद्मे बं भं मं यं रं लं षडक्षरे अर्धचन्द्र- यन्त्रे मकरवाहने वं बीजे स्थिताय सरस्वतीशक्तिसहिताय सिन्दूर- वर्णाय ब्रह्मणे षट्सहस्रमजपाजपं निवेदयामि।
बीज मंत्र
बंभंमंयंरंलंवं
साधना विधि
अजपा-जप-विधि में स्वाधिष्ठान स्थित ब्रह्मा को षट्सहस्रमजपाजपं निवेदयामि।
प्रयोग — कब और कहाँ
- श्वासक्रिया को परमात्मा का बिना प्रयत्न के होने वाला जप मानकर उन्हें अर्पित करे।
- शरीर में विद्यमान छः चक्रों में स्थित देवताओं का स्मरण करते हुए किया जाता है।