का सरल उत्तर
आत्मा वह शाश्वत चेतन तत्व है जो प्रत्येक जीव में विद्यमान है। गीता (2/20) के अनुसार यह न जन्म लेती है, न मरती है, न शस्त्र से कटती है, न अग्नि से जलती है। यह नित्य, शाश्वत और अविनाशी है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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