अद्वैत वेदांत में विष्णु का क्या स्थान है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अद्वैत (शंकराचार्य): एक ही सत्ता सत्य = निर्गुण-निराकार परब्रह्म। माया से युक्त होने पर सगुण विष्णु/शिव। जीव और ब्रह्म तत्वतः एक। दृश्यमान जगत = माया-जनित मिथ्या। सगुण विष्णु भक्ति → चित्त शुद्धि → निर्गुण ब्रह्म प्राप्ति → ब्रह्म में लीन।
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