अग्नि सूक्त में अग्नि का क्या अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अग्नि सूक्त ऋग्वेद का प्रथम सूक्त है। वैदिक अग्नि केवल भौतिक आग नहीं — वे देवों के मुख और यज्ञ के पुरोहित हैं। पृथ्वी पर यज्ञाग्नि, आकाश में विद्युत् और सूर्य में ऊर्जा — ये तीन अग्नि के रूप हैं। देवताओं में इनका स्थान सर्वप्रथम है।
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