का सरल उत्तर
आग्नेयास्त्र का प्रतिकार वरुणास्त्र और पर्जन्यास्त्र से होता था। जल तत्व की वर्षा आग्नेयास्त्र की दिव्य अग्नि को शांत कर देती थी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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