अखंड नाम संकीर्तन और अखंड जप में क्या अंतर है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
संकीर्तन: सामूहिक, सस्वर गायन, संगीत, बहिर्मुखी, भक्ति प्रसार। जप: व्यक्तिगत, मौन/उपांशु, माला, अंतर्मुखी, मंत्र सिद्धि। चैतन्य: संकीर्तन श्रेष्ठ। योग: जप श्रेष्ठ। दोनों सत्य — मार्ग भिन्न, लक्ष्य एक।
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