का सरल उत्तर
अलग-अलग पुराणों में महातल लगभग सर्वसम्मति से पांचवें पाताल के रूप में माना गया है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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