अलक्ष्मी (ज्येष्ठा) कौन हैं?
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सरल उत्तर
अलक्ष्मी (ज्येष्ठा) = दरिद्रता, कलह और दुर्भाग्य की अधिष्ठात्री। मलिन वस्त्र, लाल नेत्र, बूढ़ी, दंतहीन, भयंकर। मंथन में शुभ से पहले विकार-विष निकलते हैं — यह गहरा मनोवैज्ञानिक सत्य है।
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