का सरल उत्तर
मृत्यु से सपिण्डीकरण तक घर और परिजनों में रहने वाली अशुद्धि को अशौच या सूतक कहा जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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