असितांग भैरव किस दिशा के संरक्षक हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
असितांग भैरव पूर्व दिशा के संरक्षक (दिक्पाल) हैं — इसीलिए उनकी साधना में जप करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करना चाहिए।
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असितांग भैरव परिचय और स्वरूप
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