का सरल उत्तर
अस्त्र विद्या परशुराम (सर्वश्रेष्ठ गुरु), द्रोणाचार्य, शिव-इंद्र-यम जैसे देवताओं से सीखी जाती थी। गुरु पात्रता देखते थे — शारीरिक बल नहीं, मन-आत्मा की शुद्धि जरूरी थी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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