अयोध्या वापसी पर नगरवासियों ने कैसे स्वागत किया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अपार आनन्द — नगर सजा, तोरण-पताकाएँ, मंगलगान। 'नगर नारि नर रूप निहारी। पाइ नयन फलु होहिं सुखारी' — बहुओं का रूप देख नेत्र-फल पाकर सुखी। ब्राह्मणों को दान, गरीबों को भोजन, अयोध्या उत्सवमय।
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श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
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