का सरल उत्तर
बभ्रुवाहन कथा में प्रमुख कर्म है 'और्ध्वदैहिक दान' — प्रेत घट दान, शय्यादान, वृषोत्सर्ग और 48 श्राद्ध। इन सबका मूल है राजा की करुणा। 'करुणा + दान + श्राद्ध = प्रेत-मुक्ति' — यही इस कथा का सूत्र है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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