का सरल उत्तर
बीज मंत्र देवता का 'कारण शरीर' है — यह वह अव्यक्त बीज-रूप है जहाँ से देवता के सभी स्वरूपों का प्राकट्य होता है। साधक जप करके उनके किसी गुण से नहीं बल्कि उनकी मूल सत्ता (स्रोत) से सीधा संपर्क स्थापित करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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