का सरल उत्तर
नाम-जप, सत्संग, निस्वार्थ सेवा, ध्यान और शरणागति — ये पाँच मुख्य मार्ग हैं। श्रीमद्भागवत के अनुसार कलियुग में हरि-नाम संकीर्तन सबसे सुलभ साधन है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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