का सरल उत्तर
भगवान को जल अर्पण के पाँच प्रमुख रूप हैं — पाद्य (पैर धोने का), अर्घ्य (हाथ धोने का), आचमन (कुल्ले का), स्नान (अभिषेक) और नैवेद्य-मध्य जल (भोजन के साथ पीने का)। प्रत्येक के अलग मंत्र हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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