भाग्य और पुरुषार्थ में क्या संबंध है
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
भाग्य पूर्व कर्मों का परिणाम है और पुरुषार्थ वर्तमान का प्रयास। दोनों परस्पर पूरक हैं — भाग्य परिस्थितियाँ देता है, पुरुषार्थ उन्हें बदलता है। गीता में कर्म को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
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श्रेणी
भक्ति एवं आध्यात्म
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