का सरल उत्तर
भैरव साधना में शक्ति मंत्रों का उपयोग भैरव-भैरवी की अद्वैतता के तांत्रिक सिद्धांत पर आधारित है — भैरव परम चेतना हैं तो भैरवी उनकी क्रियात्मक ऊर्जा, दोनों अविभाज्य हैं। यह कोई विरोधाभास नहीं बल्कि उच्चतम संश्लेषण है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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