का सरल उत्तर
अहंकार भक्ति में इसलिए बाधक है क्योंकि यह समर्पण, विनम्रता और शरणागति को असंभव बनाता है। 'मैं' की भावना भगवान के साथ संबंध जोड़ने की राह रोकती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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