का सरल उत्तर
श्रीरामजी — सूर्यवंश (भानुकुल) के भूषण (आभूषण)। 'देखि भानुकुलभूषनहि बिसरा सखिन्ह अपान।' राम रघुवंश (सूर्यवंश) के राजकुमार — इसलिये 'भानुकुलभूषण', 'रघुकुलतिलक', 'रघुवर'।
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