का सरल उत्तर
प्रेत संस्कार-अभाव से बनी मुक्ति चाहने वाली अवस्था है, जबकि भूत तीव्र आसक्ति या बदले की इच्छा से पृथ्वी पर रुकी आत्मा है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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