का सरल उत्तर
बीमार और बुजुर्ग लोग सिर्फ फलाहार करके या शाम को एक समय भोजन (नक्त) करके व्रत कर सकते हैं। बहुत ज्यादा बीमार लोगों के लिए घर का कोई दूसरा सदस्य 'प्रतिनिधि' बनकर उनका व्रत रख सकता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।