का सरल उत्तर
ब्रह्म ग्रंथि वह गाँठ है जो प्रत्येक मनके के बाद लगाई जाती है — व्यावहारिक रूप से: मनके नहीं टकराते, एकाग्रता भंग नहीं होती; आध्यात्मिक रूप से: ब्रह्मा की शक्ति का प्रतीक जो मंत्र ऊर्जा को मनके में 'सील' करती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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