भागवत में 'ब्रह्मलोकः सनातनः' का क्या अर्थ है?
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सरल उत्तर
भागवत (2.5.39) में 'ब्रह्मलोकः सनातनः' का अर्थ भौतिक सत्यलोक नहीं बल्कि शाश्वत वैकुंठ है — यह जीव गोस्वामी और वैष्णव आचार्यों का निष्कर्ष है।
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