का सरल उत्तर
ब्राह्मण भोजन के समय कर्ता को यह भावना रखनी चाहिए कि ब्राह्मणों के शरीर में अपने पूर्वजों की उपस्थिति है। अर्थात् ब्राह्मण केवल माध्यम हैं, और भोजन वास्तव में पितरों को ही पहुँच रहा है। यह भावना श्राद्ध की पूर्णता के लिए अनिवार्य है, क्योंकि श्राद्ध मन की शुद्धि और सही भावना पर निर्भर है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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