का सरल उत्तर
ब्रह्मवैवर्त पुराण: माता सरस्वती = 'निःशेषजाड्यापहा' — जड़ता, आलस्य, मूर्खता का पूर्ण नाश। अज्ञानी भी महान विद्वान बन सकता है। फल: परा विद्या (आत्म-साक्षात्कार), धन, विद्या, गुणवान संतति और अंततः भगवत्-प्राप्ति।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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