चन्द्रदोष निवारण के लिए कौन सी दिशा में बैठकर पाठ करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
चन्द्रदोष निवारण के लिए उत्तर या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) दिशा में मुख करके पाठ करें — विशेषकर पूर्णिमा की रात्रि में यह विशेष लाभकारी है।
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