का सरल उत्तर
श्रद्धा स्तोत्र की शक्ति को सक्रिय करती है — शिव को परम रक्षक (पाहिमाम्, रक्षमाम्) के रूप में स्वीकारना चाहिए। परम फल केवल श्रद्धा और सात्त्विक भावना से शरण लेने वाले को मिलता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।