का सरल उत्तर
हाँ — फलश्रुति में स्पष्ट है 'न हि तस्य मृत्युभयं भवेत्' — जो भी पाठ करे उसे मृत्युभय नहीं होता। शिव शरण में मन के गहरे स्तर पर सभी आशंकाएं समाप्त होती हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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