का सरल उत्तर
चार आश्रम हैं — ब्रह्मचर्य (विद्यार्थी जीवन), गृहस्थ (दांपत्य और कर्तव्य), वानप्रस्थ (सांसारिक जिम्मेदारियों से क्रमिक विरक्ति) और संन्यास (पूर्ण त्याग और मोक्ष-साधना)। मनुस्मृति में 100 वर्ष की आयु को आधार मानकर प्रत्येक आश्रम को 25 वर्ष का माना गया है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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