का सरल उत्तर
तांबे के पात्र में जल, गंगाजल, तुलसी, चंदन और अक्षत मिलाकर भगवान के चरण धोएं — यह चरणामृत है। दाएं हाथ में तीन बार लेकर, पहले सिर से लगाकर फिर पिएं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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