माँ छिन्नमस्ता के कटे धड़ से निकलती रक्त धाराओं का क्या अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तीन रक्त धाराएँ: एक = माँ स्वयं पीती हैं; दो = डाकिनी और वर्णिनी (जया-विजया) के मुख में। अर्थ: एक साथ जीवन-दात्री (सहचरियों का पोषण) और जीवन-संहारक (आत्म-विच्छेदन)। आत्म-बलिदान और जीवन-मृत्यु चक्र की स्वीकृति का प्रतीक।
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