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सरल उत्तर

माँ छिन्नमस्ता की साधना वामाचारी क्यों मानी जाती है?

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छिन्नमस्ता साधना वामाचारी क्यों: उग्र कोटि + तीव्र तांत्रिक क्रियाएं = वामाचार संकेत। भैरवी-छिन्नमस्ता-धूमावती = घर से दूर, आत्म-साक्षात्कारी तंत्र गुरु के मार्गदर्शन में। जीवन-मृत्यु और शुद्धता-अशुद्धता के द्वंद्व से परे → परम सत्य साक्षात्कार।

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वामाचार और दक्षिणाचार

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