का सरल उत्तर
न्यूनतम 10-15 मिनट की दैनिक पूजा पर्याप्त है। दीप, धूप, नैवेद्य, आरती और एक मंत्र जप — इतने में सार्थक पूजा होती है। शास्त्र कहते हैं — समय से अधिक भाव महत्वपूर्ण है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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