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सरल उत्तर

दैत्यराज बलि और रत्नों का क्या संबंध है?

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सरल उत्तर

बलि ने वामन अवतार को तीसरे पग के लिए मस्तक अर्पित किया — भगवान के चरण स्पर्श से बलि का शरीर विभिन्न रत्नों में परिवर्तित होकर भू-मंडल पर बिखरा। प्रत्येक रत्न उनके सर्वोच्च त्याग का अंश है।

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रत्नों का दिव्य उद्गम

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