का सरल उत्तर
बलि ने वामन अवतार को तीसरे पग के लिए मस्तक अर्पित किया — भगवान के चरण स्पर्श से बलि का शरीर विभिन्न रत्नों में परिवर्तित होकर भू-मंडल पर बिखरा। प्रत्येक रत्न उनके सर्वोच्च त्याग का अंश है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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