का सरल उत्तर
दशमहाविद्या = परमशक्ति के दस रूप (देवीभागवत)। क्रम: काली (क्रीं), तारा (त्रीं), त्रिपुरसुंदरी (षोडशी), भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी (ह्लीं), मातंगी, कमला (श्रीं)। एक की सिद्धि = शेष का आंशिक प्रभाव। कौन सी: गुरु-मार्गदर्शन में, उद्देश्यानुसार।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।