का सरल उत्तर
गीता (6/26) — मन जहाँ-जहाँ भटके, वहाँ-वहाँ से धीरे-धीरे बिना खीझे वापस लाएं। गीता (6/35) — अभ्यास और वैराग्य से मन वश में होता है। योगसूत्र (1/12-14) — दीर्घकाल तक श्रद्धापूर्वक अभ्यास ही मन को स्थिर करता है। श्वास को लंगर बनाएं और साक्षी-भाव रखें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।