का सरल उत्तर
स्वतः मंत्र = अजपा जप — ध्यान गहनता, मंत्र चैतन्य/सिद्धि निकट। अवचेतन संस्कार सक्रिय। नाद योग: ब्रह्माण्डीय ध्वनि। रोकें नहीं, साक्षी भाव, गोपनीय, गुरु को बताएँ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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