का सरल उत्तर
चौथी अवस्था: जाग्रत/स्वप्न/सुषुप्ति से परे = शुद्ध चेतना। माण्डूक्य: 'न भीतर न बाहर = आत्मा = ब्रह्म।' ॐ = अ+उ+म+शून्य — शून्य = तुरीय। ध्यान: शरीर भूला+विचार बंद+जागरूक।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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