का सरल उत्तर
दिव्यास्त्र तीन प्रकार से मिलते थे — (1) देव-तपस्या से वरदान (2) सिद्ध गुरु से शिक्षा (3) युद्ध में पराक्रम पर देव वरदान। पात्रता, पवित्रता और एकाग्रता आवश्यक थी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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