का सरल उत्तर
दुर्गा सूक्तम् = महानारायण उपनिषद और तैत्तिरीय आरण्यक में संकलित, 7 श्लोक। अग्नि (जातवेदस) = नाविक जो भवसागर की दुर्गम विपत्तियों से पार ले जाए। फल: जीवन के संकटों से मुक्ति और मोक्ष।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।