का सरल उत्तर
गृहस्थों को सामान्य व्रत के लिए सुबह (उदयातिथि) वाली अष्टमी चुननी चाहिए। लेकिन तांत्रिक और विशेष सिद्धियों के लिए शाम (प्रदोष) और रात वाली अष्टमी चुनी जाती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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